भक्ति में अहंकार का प्रश्न ही नहीं-वहां तो समर्पण है

Outofline Magazine Outofline Magazine

अहं और अहंकार

आम बोलचाल में इन दोनों शब्दों को प्रायः एक ही अर्थ में प्रयोग किया जाता है जैसे-उसके ऐसे व्यवहार से मेरे अहं(अहंकार, शिष्ट भाषा में स्वाभिमान)को बहुत चोट पहुंची है।परन्तु दर्शन में इन दोनों शब्दों के अर्थ अलग अलग हैं।
अहं शब्द अस्तित्व का बोधक है।अस्तित्व जो सर्व-व्यापी है, अस्तित्व जो निर्विकार है।सोsहम्,शिवोsहम् जैसे महावाक्यों में अहं शब्द का प्रयोग इसी अर्थ में होता है।परन्तु शुद्ध अस्तित्व विना नाम-रूप के व्यक्त नहीं होता, इसलिए हर व्यक्ति अपने नामरूपात्मक देह के लिए भी अहं का प्रयोग करता है जैसे-अहं गच्छामि, अहं प्रणमामि आदि।ज्ञानी जानता है-वह शरीर नहीं है, शरीर उसका है।श्री राम ने हनुमानजी से पूँछा-तुम कौन हो?हनुमानजी ने उत्तर दिया-

देह-बुद्ध्या तु दासोsहं जीवबुद्ध्या त्वदंशक:।
आत्मदृष्ट्या त्वमेवाहम् इति मे निश्चला मति:।।

भाव यह कि देह की दृष्टि से मैं आपका सेवक हूँ, जीव(संस्कार-विशिष्ट चेतना)की दृष्टि से मैं आपका अंश हूँ और आत्म-दृष्टि(शुद्ध अस्तित्व की दृष्टि)से मैं वही हूँ जो आप हैं।अर्थात् अहं वह है जो है।
अहंकार इससे ठीक विपरीत है।अहंकार वह है जो उसे कर लिया गया है, उसे मान लिया गया है।इसलिए मैं(वीरता में)शेर हूँ या(विनम्रता से)मैं चीटीं हूँ-ये दोनों ही अहंकार हैं।दोनों में ही इदं को अहं कहा जा रहा है।अहंकार हर अवस्था में त्याज्य है।जीव के उद्धार(उत्अर्थात् ऊपर की ओर, हार अर्थात् हरण करना, ले जाना)के तीन मार्ग बतलाये गये हैं-ज्ञान मार्ग, कर्म-मार्ग और भक्ति-मार्ग।तीनों में अहंकार बर्जित है।जब तक अहंकार है-ज्ञान है ही नहीं।ज्ञान मान जहँ एकउ नाहीं।जहाँ एक भी प्रकार का मान(अभिमान या अहंकार)न बचे उस अवस्था का नाम है ज्ञान।भक्ति में अहंकार का प्रश्न ही नहीं-वहां तो समर्पण है।कर्म में अहंकार माने आसुरी वृत्ति।
भाव यह कि अहं मेरा स्व-रूप है, मैं ही हूँ।
अहंकार अहं की विकृत दशा है-सर्वथा त्याज्य है।
इन शब्दों को अंग्रेजी में क्या कहते हैं?मुझे बतलाने की कृपा करें।ईगो शब्द दोनों ही भावों में प्रयुक्त होता है जैसे आम बोलचाल में अहं।

Courtesy-नैंसी झा

Outofline Magazine Outofline Magazine Outofline Magazine

 
Rent पे room
Facebook Group · 2,082 members
Join Group
क्या आप चाहते हैं किसी को घर ढूँढ़ने के लिए परेशान न होना पड़े ?? यदि हाँ तो यह पोस्ट को हर व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए जो घर , रूम , फ्लैट , हॉस्टल , शॉप ...
 

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*


This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.